चेहरे 3
आईने मे
सारे चेहरे एक साथ उग आते है
मुह चिड़ाते हुए मुझे
मेरा चेहरा कहाँ है लेकिन ..?
कहता है....
कहाँ चलीं....?
यकीन मानिए ...
दिखा देती हूँ
घर मे बजती आवाज़ों की आड़ मे
उन सब चेहरों को अंगूठा !!
संध्या
आईने मे
सारे चेहरे एक साथ उग आते है
मुह चिड़ाते हुए मुझे
मेरा चेहरा कहाँ है लेकिन ..?
कहता है....
कहाँ चलीं....?
यकीन मानिए ...
दिखा देती हूँ
घर मे बजती आवाज़ों की आड़ मे
उन सब चेहरों को अंगूठा !!
संध्या
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