Thursday, 3 April 2014

आकर्षण

January 2, 2013 at 5:39am
आकर्षण

ये अक्सर छाया की तरह था उजाले का आभास
अंधेरे मे समाहित होता हुआ खुद मे
 तरह तरह से लुभाता रहा हरदम
 कठिन निर्णय के समय इसने बाँधे रखा
अपनी चकाचोंध मे.....
 इसके वलय भिगाते तो रहे
पर बांध ना सके ...

संध्या

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