Thursday, 3 April 2014

चेहरे ( 1  )


वो चेहरा 
जो अभी अभी नमूदार हुआ ,
औचक सामने खड़ा 
अपनी भूख दिखा रहा था 
अपना पेट छिपाते हुये 
गुटके पर लगा दिये गए 
सारे प्रतिबंध के बावजूद
अंगूठे से मसलकर हथेली पर
गुटक रहा था गुटका
उसे लगातार भूखे रखने की
साज़िश को दिखाता हुआ अंगूठा
दुबला शरीर लिए
लंबाकद सफ़ेद बाल ,
और धनुषाकृत रीड लिए
वेतन की फाईल लिए हाथो मे
सिर्फ और सिर्फ वेतन प्राप्ती को उधधत
अपने व्यक्तित्व को प्रश्नवाचक चिन्ह मे
तब्दील कर चुका है
पीला फार्म, हरा फार्म ,
कहाँ मिलेगा साब ?
हस्ताक्षरों के जंगल मे
घूम रहा है
इस टेबल से उस टेबल
ज़िंदा रहने के सवालो से उलझा
हराता हुआ
बेशरमी की सीमा पार कर चुकी सहनशीलता को
दिखा चुका है अंगूठा ,
अपने क्रोध को
कब का !!


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