महुए की गाँठ
राही
महुए की गाँठ ,जड़ों में भूल
चल दिया आगे ...
मन महुए की खाद बना
पेड़ सरसराता रहा
एक परत छिल गई थी पेड़ की
राही को नही पता ...!
संध्या
राही
महुए की गाँठ ,जड़ों में भूल
चल दिया आगे ...
मन महुए की खाद बना
पेड़ सरसराता रहा
एक परत छिल गई थी पेड़ की
राही को नही पता ...!
संध्या
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